मेरे दिल की हकीकत से रूबरू होकर देखो सच्ची मोहब्बत हो जाएगी प्यार की तलाश में भटकते फिर रहे हो हर ख्वाहिश पूरी हो जाएगी हम यूं ही रुठे नहीं है उसकी गलतफहमी से ख्वाब टूटे हैं झूठ की दहलीज पर हकीकत का पर्दा यूं लग गया है मैं सफाई देने में नाकाम रह गया हूं शायद वह दर्द महसूस कर पाए आज भी खामोश रहकर इंसाफ चाहता हूं
All shayari | Hindi shayari वादे टूट कर बिखरने लगे हैं उनके चाल ढाल से पता चलने लगा है वह बदलने लगे हैं मेरे साथ कोई धोखा जरूर हो रहा है जो आजकल बहकी बहकी बातें करने लगे हैं इश्क की हकीकत से रूबरू होने के लिए इश्क कर बैठा हूं उसके बिना कहीं मन लगता नहीं है मैं ख्वाबों खयालों में डूबा हुआ हूं हर पल दीदार को निगाहें प्यासी रहने लगे हैं